Mom ka sher (ek paheli) – akbar birbal ki kahani – मोम का शेर

Mom ka sher (ek paheli) – akbar birbal ki kahani – मोम का शेर

Mom ka sher (ek paheli) – akbar birbal ki kahani – मोम का शेर

 

 

 

 

 

हेलो दोस्तों एक समय की बात है फारस का राजा बहुत ही घमंडी था उसने एक षड्यंत्र रचा और अकबर को नीचा दिखाने के उद्देश्य से अपने दूत को अकबर के दरबार में भेजा जब वह दूत अकबर के राज्य में पहुंचा तो राजा अकबर से बोला महाराज मैं आपके पास एक पहेली लेकर आया हूं कृपया आप इसे हल कीजिये तो अखबार बोला आप पूछिए हमसे क्या पूछना चाहते हैं तब उस दूत ने अपने एक सिपाही को बोलकर एक पिंजरे में बंद मोम का शेर मंगवाया और उसके राजा की महासभा के बीचो-बीच खड़ा कर दिया शेर पिंजरे में था दूत ने राजा से कहा महाराज आप इस शेर को बिना पिंजरे को छुए बाहर निकाल कर दिखाइए ! इसपर राजा अकबर चिंतित हो उठे और सोचने लगा कि यह कैसे मुमकिन है बिना पिंजरा छुए कैसे शेर को बाहर निकाला जा सकता है तभी वहां पर बीरबल सारी बात सुन रहे थे वो देर तक सोचते रहे और फिर थोड़ी देर बाद एक सिपाही को बोल कर एक गर्म छड़ी मंगवाई सभा में सभी व्यक्ति यह सोच में पड़ गए कि बीरबल क्या करने वाले हैं जैसे ही सिपाही गरम छड़ी को लेकर आया तो फिर बीरबल उस छड़ी को अपने हाथ में ले लेते हैं और उस छड़ी को पिंजरे के पास शेर के पास ले जाते हैं क्योंकि शेर मोम का था उस छड़ी की गर्मी के संपर्क में आ कर धीरे-धीरे पिघलने लग जाता है और धीरे-धीरे करके वह शेर पूरा पिघल जाता है पिघला हुआ मोम पिंजरे से बाहर निकलने लग जाता है सभा में सभी लोग बीरबल की बुद्धिमता पर चकित हो जाते हैं और बीरबल की बुद्धिमता के गुड़गान करने लगते है की कैसे बीरबल ने बिना हाथ लगाए उस मोम के शेर को कितनी आसानी से पिंजरे से बाहर निकाल दिया और पारस के राजा का दूत भी काफी शर्मिंदा हो जाता है और वापस लौट जाता है इस तरह से बीरबल ने इस पहेली को कितनी आसानी से सुलझा लिया ! दोस्तों मैं आशा करता हूं यह कहानी आपको अच्छी लगी होगी ! धन्यवाद !

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